खतौनी हिस्सा व पारिवारिक ज़मीन बंटवारा कैलकुलेटर
खतौनी में दर्ज कुल पैतृक रकबे से सभी भाइयों व सह-खातेदारों का बराबर अंश, रास्ता कटौती, बीघा-बिस्वा, वर्ग गज और अनुमानित सर्किल रेट मूल्यांकन तुरंत निकालें।
पारिवारिक ज़मीन बंटवारा व चकरोड/रास्ता कटौती कैलकुलेटर (Partition & Road Deduction)
| हिस्सेदार (Co-Sharer) | हिस्सा अंश | रकबा (Hectare) | देसी माप (Bigha-Biswa) | वर्ग गज (Gaj) | अनुमानित मूल्य |
|---|---|---|---|---|---|
| हिस्सेदार #1 | 1/3 (अंश) | 0.3291 Ha | 1 बीघा 6.0 Biswa | 3,936 | ₹9.38 L |
| हिस्सेदार #2 | 1/3 (अंश) | 0.3291 Ha | 1 बीघा 6.0 Biswa | 3,936 | ₹9.38 L |
| हिस्सेदार #3 | 1/3 (अंश) | 0.3291 Ha | 1 बीघा 6.0 Biswa | 3,936 | ₹9.38 L |
ज़मीन बंटवारे के कानूनी नियम: UP राजस्व संहिता 2006 व बिहार काश्तकारी अधिनियम
१. धारा 116 वाद (विभाजन वाद)
यदि सह-खातेदारों में सहमति न बने, तो SDM कोर्ट में धारा 116 के अंतर्गत वाद दायर होता है। कोर्ट प्रारंभिक डिक्री द्वारा अंश तय करता है।
२. कुर्राबंदी (Kurrabandi)
अंश निर्धारण के बाद लेखपाल मौके पर जाकर सड़क, नाली व उपजाऊ क्षमता को ध्यान में रखकर अलग-अलग लॉट (कुर्रे) बनाकर सीमांकन करता है।
३. ततीमा नक्शा व अलग खतौनी
अंतिम डिक्री के बाद राजस्व शजरे में बटा नंबर (उदा: 140/1, 140/2) चढ़ाकर हर भाई की अलग नाम वाली स्वतंत्र खतौनी जारी होती है।
ज़मीन हिस्सा बंटवारे से जुड़े मुख्य सवाल
खतौनी में दर्ज कुल रकबा से अपना हिस्सा कैसे निकालें? ▼
खतौनी के कॉलम संख्या 4 में दर्ज कुल हेक्टेयर रकबा देखें। यदि खतौनी में 3 बराबर के हिस्सेदार हैं, तो कुल रकबा को 3 से भाग दें। उदाहरण के लिए, 0.6000 हेक्टेयर में 3 भाइयों का हिस्सा 0.2000 हेक्टेयर (लगभग 0.79 पक्का बीघा या 15.8 बिस्वा) प्रति व्यक्ति बनेगा।
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 116 क्या है? ▼
यूपी राजस्व संहिता 2006 की धारा 116 के अंतर्गत किसी संयुक्त जोत (खतौनी) का कोई भी सह-खातेदार उप-जिलाधिकारी (SDM) के न्यायालय में विभाजन का वाद (बंटवारे का मुकदमा) दायर कर सकता है। कोर्ट पहले प्रारंभिक डिक्री (Preliminary Decree) जारी कर अंश तय करता है, फिर लेखपाल/अमीन द्वारा कुर्राबंदी (Kurrabandi) कराकर अंतिम डिक्री (Final Decree) पारित करता है।
क्या कृषि भूमि में विवाहित बेटी का भी पैतृक हिस्सा होता है? ▼
हां, हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम 2005 के अनुसार बेटियों (विवाहित अथवा अविवाहित) को बेटों के समान पैतृक संपत्ति में जन्मजात सहदायिक (Coparcener) अधिकार प्राप्त है। यदि पिता की मृत्यु 2005 के बाद हुई है या पैतृक भूमि का बंटवारा नहीं हुआ है, तो बेटी अपना बराबर का विधिक अंश पाने की पूर्ण हकदार है।
आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा (पारिवारिक समझौता) कैसे करें? ▼
अदालती मुकदमों से बचने के लिए सभी खातेदार आपसी सहमति से एक पारिवारिक समझौता पत्र (Family Settlement Deed) तैयार कर सकते हैं। इसे उप-पंजीयक (Sub-Registrar) कार्यालय में पंजीकृत कराया जा सकता है। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में दाखिल-खारिज व खतौनी में अलग खाता संख्या दर्ज कराने का आवेदन दिया जाता है।